सीतापुर जिले के सदरपुर के सरैंया चलांकापुर गांव में शनिवार को हुए भीषण अग्निकांड में कई परिवारों की खुशियां जलकर राख हो गई थीं।उसी में सरैंया गांव निवासी हरिश्चंद्र की 8 वर्षीया पुत्री सावित्री का पूरा बस्ता आग में स्वाहा हो गया था।
अग्निकांड में जलीं किताबें: पढ़ लिखकर डॉक्टर बनना चाहती है सावित्री, पूर्व सीएम अखिलेश ने ली जिम्मेदारी
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