हिमाचली खबर: Ballia News: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से एक ऐसी शादी की तस्वीर सामने आई है, जिसने हर किसी के कलेजे को झकझोर कर रख दिया है. जहां एक तरफ घर में शहनाइयाँ गूंजनी थीं, वहाँ मौत की चीखें सुनाई देने लगीं. लेकिन दुखों के इस पहाड़ के बीच भी एक दूल्हे ने अपनी दुल्हन को अपनाने का संकल्प पूरा किया. अस्पताल से छुट्टी लेकर दूल्हा एम्बुलेंसनुमा गाड़ी में पहुंचा और उसी स्थिति में शादी की रस्में पूरी कीं.

घर के आंगन में था मंडप था तैयार, फिर भी कार के अंदर हुई शादी… दूल्हा-दुल्हन की ऐसी भी क्या थी मजबूरी?​
घर के आंगन में था मंडप था तैयार, फिर भी कार के अंदर हुई शादी… दूल्हा-दुल्हन की ऐसी भी क्या थी मजबूरी?​

पखड़ी थाना क्षेत्र के भिटिया गांव के रहने वाले अंकित पांडे की शादी बांसडीह के मझवा की प्रमिला तिवारी से 8 मई को तय हुई थी. घर में मंगल गीत गाए जा रहे थे और शादी की खुशियां चरम पर थीं. शुक्रवार के दिन दूल्हा अंकित अपने छोटे भाई सर्वजीत के साथ बाइक से पास के सैलून में दाढ़ी बनवाने गया था. किसी को नहीं पता था कि यह खुशी कुछ ही पलों में मातम में बदलने वाली है.

हादसे ने छीना छोटा भाई

वापस लौटते समय एक स्कूल बस ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी. इस भीषण हादसे में दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें तत्काल बलिया जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर ले जाया गया. इलाज के दौरान छोटे भाई सर्वजीत ने दम तोड़ दिया. छोटे भाई की मौत की खबर ने दोनों परिवारों को तोड़कर रख दिया. खुशियों वाले घर में कोहराम मच गया.

गाड़ी में हुई शादी की रस्में

एक तरफ छोटे भाई का शव पड़ा था, तो दूसरी तरफ अंकित अस्पताल के बेड पर था. भारी मन और विपरीत परिस्थितियों के बीच दोनों परिवारों ने निर्णय लिया कि शादी इसी दिन संपन्न होगी. डॉक्टरों से अनुमति लेकर अंकित को एक गाड़ी में लिटाकर लड़की के दरवाजे तक ले जाया गया. अंकित न खड़ा हो सकता था और न ही बैठ सकता था. स्थिति को देखते हुए गाड़ी के अंदर ही पंडित जी ने वैदिक मंत्रोच्चार शुरू किए. अंकित ने लेटेलेटे ही प्रमिला की मांग भरी और उसे अपनी जीवनसंगिनी बनाया.

हर आंख थी नम

इस दृश्य को देखने वाले हर ग्रामीण और मेहमान की आंखें नम थीं. एक तरफ शादी की रस्में पूरी हो रही थीं और दूसरी तरफ छोटे भाई के बिछड़ने का गम था. वहां मौजूद लोग बस यही दुआ कर रहे थे कि भगवान ऐसा दुख और ऐसी शादी किसी को न दिखाए. यह घटना पूरे इलाके में चर्चा और संवेदना का विषय बनी हुई है.