हिमाचली खबर: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह चुनावी मोड में आ गई है. मंगलवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर हुई उच्चस्तरीय संगठनात्मक बैठक में 98 जिलाध्यक्षों समेत सभी प्रमुख पदाधिकारियों ने भाग लिया. इस बैठक का मुख्य फोकस बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत बनाने का है. प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्य मंत्री पंकज चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में प्रदेश महामंत्री शधर्मपाल सिंह और प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ला भी मौजूद रहे.

अपना बूथ कैसे करेंगे मजबूत? यूपी में चुनावी मोड में आई BJP, 98 जिलाध्यक्षों की बैठक कर लिया ये संकल्प​
अपना बूथ कैसे करेंगे मजबूत? यूपी में चुनावी मोड में आई BJP, 98 जिलाध्यक्षों की बैठक कर लिया ये संकल्प​

2017 से बड़ी जीत है 2027 का संकल्प

पंकज चौधरी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा, “प्रत्येक बूथ पर निश्चित विजय का लक्ष्य लेकर योजनाबद्ध ढंग से काम करना होगा.” उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जहां BJP पहले से मजबूत है, वहां जीत का अंतर और बढ़ाना है. कमजोर बूथों पर विशेष अभियान चलाकर उन्हें अनुकूल बनाना है. बूथ स्तर पर हर कार्यकर्ता की क्षमता का पूरा उपयोग, सामूहिकता और समन्वय के साथ काम करना है. चौधरी ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा, मुद्दा विहीन विपक्ष के पास न नीति है, न कार्यक्रम, न कार्ययोजना और न ही कोई विजन. वे सिर्फ झूठ, भ्रम और शोर मचाने का काम कर रहे हैं. भाजपा कार्यकर्ताओं को घरघर जाकर इन झूठों का पर्दाफाश करना होगा.

बूथशक्ति केंद्रमंडल की मजबूत संरचना पर जोर

प्रदेश महामंत्री धर्मपाल सिंह ने बैठक में संगठनात्मक सत्यापन कार्य की विस्तृत समीक्षा की. उन्होंने कहा कि बूथ समितियों का सत्यापन कार्य तेजी से पूरा हो रहा है. नई बैठक व्यवस्था के तहत जिला समिति बैठक अब हर महीने की 1 से 15 तारीख के बीच, मंडल समिति बैठक महीने के पहले सप्ताह में, शक्ति केंद्र बैठक तीसरे सप्ताह में और बूथ समिति बैठक महीने के आखिरी सप्ताह में “मन की बात” कार्यक्रम के साथ होगी.

अनुभवी और परिश्रमी कार्यकर्ताओं को दी जाए जिम्मेदारी

प्रदेश महामंत्री धर्मपाल सिंह ने जोर दिया कि पुराने, अनुभवी और परिश्रमी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी जाए. साथ ही संगठन की विचारधारा से जुड़े नए लोगों को भी पार्टी से जोड़ने का काम तेज किया जाए. आगे की रणनीति बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि जल्द ही विधानसभा स्तर पर बूथ अध्यक्षों की अलगअलग बैठकें आयोजित की जाएंगी, ताकि हर बूथ की तैयारियों की मॉनिटरिंग और कमजोरियों को दूर किया जा सके. भाजपा अब बूथबूथ पर “माइक्रो मैनेजमेंट” की रणनीति पर काम कर रही है, जो 2017 और 2022 की सफलता से भी आगे निकलकर 2027 में और बड़ी जीत दिलाने का आधार बनेगी.