हिमाचली खबर: मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव के शव का पोस्टमार्टम हो चुका है। 6 डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया है और विसरा सुरक्षित रखा गया है। पुलिस ने प्रतीक के फोन को अपने कब्जे में ले लिया है। जिस वक्त प्रतीक का शव पोस्टमार्टम के लिए ले जाया जा रहा था, उस समय प्रतीक का नाखून नीला पड़ा हुआ था।

इस बीच प्रतीक यादव की मौत मामले पर सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, ”जिस दिन अपर्णा यादव की मौजूदगी में सपा का झंडा जलाया गया था, उस दिन से प्रतीक बहुत सदमे में आ गए थे। प्रतीक यादव की मौत की जांच होनी चाहिए।”
महिला आरक्षण को लेकर जलाया था सपा का झंडा
बता दें कि प्रतीक की पत्नी अपर्णा यादव ने लखनऊ में महिला आरक्षण पर विरोधी दलों के रवैये के विरोध में प्रदर्शन करते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का झंडा जलाया था। अपर्णा ने अपना विरोध प्रकट करते हुए उन पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाया था, जिसके बाद ये मामला गरमा गया। सपा और कांग्रेस की तीखी आलोचना करते हुए अपर्णा ने कहा था कि इन सभी विधर्मियों का झंडा जलेगा और ये पार्टियां भी खत्म होंगी।
रात 3 बजे हेल्पर से पैर में तेल मलवाया, 4 बजे किचन में बेहोश मिले
प्रतीक यादव की मौत कैसे हुई, क्या कोई फॉल प्ले है? इस सबका खुलासा तो पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद होगा लेकिन अब तक जो फैक्ट्स सामने आएं हैं उसके मुताबिक, कल रात करीब 3 बजे प्रतीक यादव ने अपने एक हेल्पर से पैर में तेल मलवाया था। इसके बाद रात करीब 4 बजे को किचन में बेहोश मिले जिसके बाद डॉक्टर को घर पर बुलाया गया। फिर सुबह करीब 6 बजे अपर्णा यादव के भाई उन्हें लेकर सिविल हॉस्पीटल गए जहां डॉक्टरों ने उन्हें ‘ब्रॉट डेड’ बताया।
34 साल से डिप्रेशन का चल रहा था इलाज
सूत्रों के मुताबिक 38 वर्षीय प्रतीक यादव का 34 साल से डिप्रेशन का इलाज चल रहा था। प्रतीक के निधन को लेकर उनकी पत्नी अपर्णा यादव के परिवार वालों ने भी बड़ी जानकारी साझा की है। अपर्णा के परिवारवालों ने बताया है कि रात में प्रतीक यादव अपने कमरे में थे, उनके हाथ से पानी का ग्लास छूट गया जिसकी आवाज सुनकर अटेंडेंट आया। प्रतीक ने पैर में तेल लगाने को कहा। प्रतीक की तबीयत बिगड़ने लगी, फिर डाक्टर घर पर बुलाए गए और उसके बाद प्रतीक को अस्पताल ले जाया गया।
अखिलेश ने क्या कहा?
प्रतीक की मौत की खबर मिलने पर बड़े भाई अखिलेश यादव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि लगभग 2 महीने पहले वो प्रतीक से मिले थे। तब उन्होंने प्रतीक से स्वास्थ्य का ध्यान रखने और कारोबार आगे बढ़ाने की बात कही थी। साथ ही ये भी कहा कि बिजनेस में नुकसान होने से लोग कभी कभी बेहद दुखी हो जाते हैं।
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