हिमाचली खबर: Vrishabh Sankranti Upay: वृषभ संक्रांति को हिंदू पंचांग की एक महत्वपूर्ण तिथि माना जाता है, जब सूर्य देव एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं। शुक्रवार, 15 मई 2026 को सूर्य मेष राशि से निकलकर वृषभ राशि में प्रवेश कर रहे हैं। सूर्य को ऊर्जा, आत्मविश्वास और जीवन शक्ति का कारक कहा है, इस दिन सूर्य उपासना विशेष फलदायी बताई है। कहते हैं कि इस दिन किए गए उपाय व्यक्ति के भाग्य को मजबूत करते हैं। चलिए जानते हैं इन उपायों के बारे में। 

Vrishabh Sankranti 2026: वृषभ संक्रांति पर कर लें उपाय, सूर्य देव होंगे प्रसन्न और आपके भाग्य को मिलेगी मजबूती​
Vrishabh Sankranti 2026: वृषभ संक्रांति पर कर लें उपाय, सूर्य देव होंगे प्रसन्न और आपके भाग्य को मिलेगी मजबूती​

वृषभ संक्रांति का धार्मिक महत्व

वृषभ संक्रांति पर सूर्य और बुध की युति बनने से यह समय और भी शुभ माना जाता है। सूर्य आत्मा और शक्ति का प्रतीक हैं, जबकि बुध बुद्धि और व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस संयोग से करियर, व्यवसाय और आर्थिक जीवन में उन्नति के संकेत मिलते हैं। इस दिन को आध्यात्मिक रूप से जागरूकता और नई शुरुआत का अवसर भी माना जाता है।

स्नान और दान

इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने और दान करने की परंपरा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि संक्रांति के दिन किया गया स्नान पापों से मुक्ति दिलाता है और जीवन में शुद्धता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

सूर्य देव को प्रसन्न करने के आसान उपाय

  1. वृषभ संक्रांति पर सुबह जल्दी उठकर सूर्योदय के समय सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके साथ पिता और बड़ेबुजुर्गों का सम्मान करना भी सूर्य देव की कृपा प्राप्त करने का महत्वपूर्ण उपाय है।
  2. इस दिन ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करना बहुत लाभकारी माना गया है। साथ ही नियमित रूप से सूर्य नमस्कार करने से शरीर में ऊर्जा बढ़ती है और मानसिक शक्ति मजबूत होती है। यह उपाय जीवन में सफलता और आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं।
  3. वृषभ संक्रांति पर सात्विक जीवनशैली अपनाना भी शुभ फल देता है। इससे नकारात्मकता दूर होती है और जीवन में सुखसमृद्धि बढ़ती है।
  4. सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए पिता और बड़ेबुजुर्गों का सम्मान करना भी अत्यंत महत्वपूर्ण उपाय माना गया है। मान्यता है कि घर के बड़े की प्रसन्नता और आशीर्वाद से जीवन में प्रगति और स्थिरता आती है।