महाराष्ट्र में उपचुनावों में निर्विरोध चुनाव की परंपरा कमजोर पड़ रही है। राजनीतिक दल भावनाओं से अधिक चुनावी गणित को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। विशेष परिस्थितियों में ही यह परंपरा सीमित रूप से दिखाई देती है।