अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगातार दिए जा रहे बयानों का असर मार्केट पर साफ दिखाई दे रहा है. गुरुवार की सुबह उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक के बाद एक दोतीन पोस्ट कर दिए, जिसमें उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं वह स्ट्रेट ऑफ ट्रंप है. साथ ही कहा कि अब तूफान आने वाला है. ट्रंप के इन धमकी भरे बयानों ने भारतीय शेयर बाजार का रुख बदल दिया. बाजार का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 900 अंक टूट गया.

ट्रंप ने फिर गिरा दिया बाजार! खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी हुए धड़ाम
ट्रंप ने फिर गिरा दिया बाजार! खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी हुए धड़ाम

इस दौरान बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 3.29 लाख करोड़ घट गया है, जिससे निवेशकों की संपत्ति में भी इतनी ही गिरावट दर्ज हुई है. वहीं सुबह 09:22 बजे तक BSE Sensex 830.80 अंक टूटकर 76,665.56 पर और Nifty 50 267.50 अंक गिरकर 23,910.15 पर आ गया था.

इन कारणों से गिरा शेयर बाजार

  1. राष्ट्रपति ट्रंप का बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को बाजार खुलने से पहले 3 पोस्ट कर दिए, जिसमें उन्होंने होर्मुज को लेकर बयान दिया कि वह अब स्ट्रेट ऑफ ट्रंप हो गया. इसी के बाद बाजार का सेंटीमेंट बदला और सबसे क्रूड ऑयल के दाम साल 2022 के बाद भाग गए. साथ ही उसका असर भारतीय बाजार तक आया और मार्केट खुलते ही धड़ाम हो गया
  2. कच्चे तेल की तेजी से बढ़ी महंगाई की चिंता कच्चे तेल की कीमतें हाल की तेजी के बाद ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं. इसका कारण सप्लाई में दिक्कतें हैं, खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े जोखिम. महंगे तेल की वजह से महंगाई बढ़ने, सरकारी खर्च पर दबाव और रुपये पर असर की चिंता बढ़ गई है, जिससे शेयर बाजार में निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ रहा है.
  3. कमजोर ग्लोबल संकेत, बाजारों को नहीं मिला सहारा अमेरिकी बाजार मिलेजुले से कमजोर बंद हुए क्योंकि बढ़ती तेल कीमतों और Federal Reserve के अलगअलग संकेतों से निवेशक असमंजस में हैं. इसका असर एशियाई बाजारों पर भी दिखा, जहां गिरावट रही. बॉन्ड यील्ड बढ़ने और महंगाई को लेकर सतर्क रुख ने माहौल और कमजोर किया.
  4. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली कर रहे हैं. वैश्विक अनिश्चितता, महंगे तेल और भूराजनीतिक तनाव के चलते वे जोखिम कम कर रहे हैं. इसका सबसे ज्यादा असर बड़े शेयरों पर दिख रहा है.
  5. बढ़ी अस्थिरता, निवेशकों में घबराहट India VIX 5% से ज्यादा बढ़कर 18 के ऊपर पहुंच गया है, जो बाजार में बढ़ती घबराहट को दिखाता है. इसका मतलब है कि आने वाले समय में बाजार में तेज उतारचढ़ाव रह सकता है, खासकर तेल कीमतों और वैश्विक घटनाओं के चलते.
  6. रुपये में गिरावट भारतीय रुपया 30 अप्रैल को लगातार तीसरे दिन डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर खुला. इसकी वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व के कुछ अधिकारियों के सख्त संकेत रहे, जिससे डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड मजबूत हुए. साथ ही, कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतों ने भी रुपये पर दबाव बढ़ा दिया है.