नई दिल्ली: भारत के सोने का आयात अप्रैल में करीब 30 साल के न्यूनतम स्तर पर पहुंच सकता है। इस महीने भारतीय आयात केवल 15 टन रहने की संभावना है। इसकी वजह यह है कि बैंकों ने सोने का आयात रोक दिया है क्योंकि सरकार ने उनसे 3 फीसदी इंटिग्रेटेड गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स वसूलना शुरू कर दिया है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में इंडस्ट्री और सरकारी सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है। भारत दुनिया का दूसरा बड़ा उपभोक्ता है। पिछले साल देश में 25 टन सोने का आयात किया गया था। 202526 में हर महीने औसतन करीब 60 टन सोने का आयात किया गया था।

30 साल के लो पर पहुंचा सोने का आयात, बैंकों ने रोक दिए शिपमेंट, जान लीजिए वजह
30 साल के लो पर पहुंचा सोने का आयात, बैंकों ने रोक दिए शिपमेंट, जान लीजिए वजह

अप्रैल में भारत का सोने का आयात 15 टन रहने का अनुमान है जो करीब 3 दशक में सबसे कम है। इसमें 2020 का साल शामिल नहीं है जब कोरोना महामारी के कारण जूलरी की दुकानें बंद थीं। भारत में अप्रैल में सोने का आयात 1.3 अरब डॉलर रह सकता है जो पिछले वित्त वर्ष में हर महीने करीब 6 अरब डॉलर था। बैंक बुलियन डीलरों का कहना है कि 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के बावजूद सोने का आयात घटा है। इसे धनतेरस के बाद सोने की खरीदारी का सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है।

जीएसटी की वसूली
इंडिया बुलियन एंड जूलर्स एसोसिएशन के सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता ने कहा कि बैंकों ने शिपमेंट रोक दिए हैं क्योंकि कस्टम ने 3 फीसदी आईजीएसटी वसूलना शुरू कर दिया है। देश का अधिकांश रिफाइंड गोल्ड बैंक ही इम्पोर्ट करते हैं। 2017 में जब जीएसटी लागू किया गया था तो बैंकों को सोने के आयात पर 3 फीसदी आईजीएसटी से छूट दी गई थी। लेकिन अब इसकी वसूली की जा रही है।

एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि बैंकों ने इस महीने कोई भी गोल्ड क्लियर नहीं किया है। इंडिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज के जरिए थोड़ा सोना क्लियर किया गया है। इस बारे में टैक्स अधिकारियों ने तुरंत कोई कमेंट नहीं किया। मुंबई के एक बुलियन डीलर ने कहा कि बैंकों ने अक्षय तृतीया पर मांग को देखते हुए सोना खरीदा था लेकिन यह तिजोरियों में पड़ा है। उन्होंने बताया कि करीब 8 टन सोना तिजोरियों में रखा गया है।

सोने का आयात
अप्रैल में सोने का आयात 30 साल के लो पर रह सकता है
बैंकों ने अप्रैल में कोई भी शिपमेंट क्लियर नहीं किया है
सरकार बैंकों से 3 फीसदी आईजीएसटी वसूल रही है
भारत दुनिया में सोने का दूसरा बड़ा उपभोक्ता है

सरकार की रणनीति
डीलर ने कहा कि बैंक इसे तभी क्लियर करेंगे जब कस्टम अधिकारी जीएसटी मांगे बिना शिपमेंट जाने देंगे। सूत्रों का कहना है कि यह सरकार की रणनीति हो सकती है ताकि देश के ट्रेड डेफिसिट को कम किया जा सके और रुपये को सपोर्ट मिले। रुपये की कीमत में हाल में काफी गिरावट आई है और यह इस साल सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली एशियन करेंसी है।

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