पारा 40 डिग्री पार करते ही लू और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। बढ़ते पारे और भीषण गर्मी के बीच हमारे खानपान का सीधा असर शरीर के तापमान पर पड़ता है। गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडा रखना सबसे बड़ी चुनौती है। बॉडी को हाइड्रेट रखने के लिए सिर्फ पानी का सेवन पर्याप्त नहीं है बल्कि डाइट में कुछ खास बदलाव करने की जरूरत है। इस मौसम में खाने में ‘वेजिटेबल बास्केट’ पर ध्यान देना भी जरूरी है। विशेषज्ञों के मुताबिक कुछ सब्जियां तासीर में गर्म होती हैं जो पाचन और बॉडी हीट को प्रभावित करती हैं। अगर तेज गर्मी में इन सब्जियों का सेवन सुबह के नाश्ते से लेकर दोपहर और रात के खाने में किया जाए तो ये गर्मी में शरीर की ‘इंटरनल हीट’ बढ़ा सकती हैं।

गर्मी में थोड़ा संभलकर खाएं सब्जियां, इन 6 सब्जियों को खाने से बॉडी में बढ़ सकती है हीट, एक्सपर्ट से जानिए वेजेटेबल लिस्ट और कारण
गर्मी में थोड़ा संभलकर खाएं सब्जियां, इन 6 सब्जियों को खाने से बॉडी में बढ़ सकती है हीट, एक्सपर्ट से जानिए वेजेटेबल लिस्ट और कारण

डायटीशियन और डायबिटीज एजुकेटर कनिका मल्होत्रा ने बताया आजकल ज्यादातर सब्जियां पूरे साल मिलती है,जिसे लोग बिना सीजन भी खाना पसंद करते हैं। गर्मी में अगर कुछ सब्जियों को खाया जाए तो ये शरीर में गर्मी बढ़ा सकती है। इस सब्जियों का सेवन शरीर में लू और डिहाइड्रेशन बढ़ा सकता है। गर्मी में इन सब्जियों का सेवन करने से लू लगने,पेट में गैस और एसिडिटी बढ़ने का खतरा रहता है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि गर्मी में कौन सी सब्जियों का सेवन सेहत को बिगाड़ सकता है और लू का खतरा बढ़ा सकता है।

कौन सी सब्जियां गर्मी में हीट, डिहाइड्रेशन और लू का खतरा बढ़ा सकती हैं?

गर्मी के दौरान शरीर पहले से ही तापमान नियंत्रित करने में मेहनत कर रहा होता है। ऐसे में ऐसी सब्जियां खाना, जिन्हें पचाने में अधिक ऊर्जा लगे, शरीर पर अतिरिक्त बोझ डाल सकती है। एक्सपर्ट  कनिका मल्होत्रा ने बताया कि गाजर, मूली और शलजम जैसी जड़ वाली सब्जियां बॉडी में गर्मी को बढ़ा सकती हैं। ये सब्जियां कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट और फाइबर से भरपूर होती हैं, जिन्हें पचाने में शरीर को अधिक ऊर्जा लगती है, जिससे मेटाबॉलिक हीट बढ़ती है।

एक्सपर्ट ने बताया गर्मी में सहजन का सेवन आपकी बॉडी में हीट को बढ़ा सकता है। कच्ची सहजन की फलियां पौष्टिक जरूर होती हैं, लेकिन इनमें अधिक फाइबर होने के कारण पाचन क्रिया तेज होती है, जिससे शरीर का तापमान थोड़ा बढ़ सकता है। कच्चा प्याज थोड़ी मात्रा में ठंडक देता है, लेकिन ज्यादा मात्रा में खाने पर गैस और पाचन संबंधी परेशानी पैदा कर सकता है। ग्वार फली में ओलिगोसेकेराइड्स अधिक होते हैं, जिससे पेट में फर्मेंटेशन और गैस बन सकती है, जो डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ाती है।

बैंगन में प्राकृतिक रूप से थर्मोजेनिक गुण होते हैं और गर्म मौसम में इसे खाने से ब्लोटिंग की परेशानी हो सकती है। गर्मी में सरसों का साग शरीर में गर्मी पैदा करने वाला माना जाता है और यह घमौरियां व सूजन को बढ़ा सकता है। इन सब्जियों का सेवन पाचन को बिगाड़ सकता है और एनर्जी के स्तर को कम कर सकता है।एक्सपर्ट ने बताया गर्मी में इन सब्जियों का सेवन करने से शरीर में मेटाबॉलिक हीट बढ़ती हैं, या फिर पानी का अवशोषण प्रभावित करती हैं, या फिर गर्मी से पहले से परेशान पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव डालती हैं।

गर्मी में खाना पकाने का तरीका भी बढ़ा सकता हैं परेशानी

कोई सब्जी सामान्य रूप से हल्की हो सकती है, लेकिन उसे पकाने का तरीका उसे गर्म मौसम में नुकसानदायक बना सकता है। मल्होत्रा बताती हैं कि किसी भी सब्जी को डीप फ्राई करना जैसे आलू टिक्की, भिंडी फ्राई या बैंगन भाजा शरीर में फैट की मात्रा बढ़ा देता है, जिससे खाना देर से पचता है और शरीर के भीतर गर्मी बढ़ती है। ड्राई रोस्ट करने से सब्जियों की नमी कम हो जाती है और गर्मी बढ़ाने वाले तत्व अधिक प्रभावी हो जाते हैं। एक्सपर्ट ने बताया ज्यादा मसालेदार तड़का जिसमें सूखी लाल मिर्च, लौंग, काली मिर्च और गरम मसाला अधिक हो तो वो शरीर में गर्मी पैदा करने वाला प्रभाव डालता है। ये मसाले रक्त संचार और पसीना बढ़ाते हैं, जिससे गर्म मौसम में डिहाइड्रेशन तेज हो सकता है। अधिक तेल में भूनना भी पाचन प्रक्रिया को धीमा करता है।

गर्मी में पकाने का कौन सा तरीका है बेहतर?

गर्मी के मौसम में अगर आप चाहते हैं कि आपकी बॉडी में हीट कम हो तो खाना पकाने के तरीके पर भी ध्यान दें। इस मौसम में खाना भाप में पकाना, उबालना या हल्का स्टिरफ्राई करना बेहतर माना जाता है क्योंकि इससे सब्जियों में मौजूद पानी बना रहता है, पाचन आसान होता है और भोजन शरीर पर हल्का पड़ता है।

हीटवेव में डाइट कैसे बदलें?

एक्सपर्ट के मुताबिक गर्मी में हीट वेव से बचाव करने के लिए आप डाइट में जड़ वाली भारी सब्जियों की जगह पानी से भरपूर सब्जियां जैसे लौकी, तुरई, पेठा, खीरा और कच्चा केला शामिल करें। ये शरीर को ठंडक देती हैं, आसानी से पचती हैं और इनमें पोटैशियम व मैग्नीशियम अच्छी मात्रा में होता है, जो पसीने के रूप में डिस्चार्ज हुए इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपाई करने में मदद करता है।

आयरन और फोलेट के लिए सरसों के साग की बजाय हल्का स्टीम किया हुआ पालक या अरबी के पत्ते बेहतर विकल्प हो सकते हैं। ग्वार फली की जगह हरे मूंग के स्प्राउट्स खाए जा सकते हैं, क्योंकि इनमें प्रोटीन तो मिलता है लेकिन गैस बनने की संभावना कम होती है। एक्सपर्ट ने बताया गर्मियों में एक बार में ज्यादा खाने की बजाय थोड़ाथोड़ा करके कई बार खाना चाहिए, क्योंकि भारी भोजन शरीर में अधिक मेटाबॉलिक हीट पैदा करता है। सब्जियां उबालने के बाद बचा पानी फेंकना नहीं चाहिए, क्योंकि इसमें बीविटामिन्स और मिनरल्स मौजूद रहते हैं। ऊपर से थोड़ा नींबू डालने से विटामिन C मिलता है, जो आयरन के अवशोषण में मदद करता है। अगर किसी सब्जी में प्राकृतिक रूप से 90% से ज्यादा पानी है, तो वह गर्मियों की थाली के लिए अच्छी मानी जा सकती है। पोषण से समझौता करने की जरूरत नहीं है, बस उसे पकाने का तरीका बदलने की जरूरत है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक स्रोतों और विशेषज्ञों से मिली जानकारी पर आधारित है। किसी भी नई डाइट या रूटीन को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।