RBI Credit Card Rules: क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वालों के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने बड़ी राहत दी है. अब बिल की तय तारीख निकल जाने के बाद भी ग्राहकों को तुरंत लेट फीस नहीं देनी होगी. आरबीआई ने नए नियमों के तहत तीन दिन का अतिरिक्त समय देने का ऐलान किया है. इस फैसले से उन लाखों ग्राहकों को राहत मिलेगी, जो कभीकभी समय पर बिल जमा नहीं कर पाते. साथ ही, लेट फीस के कैलकुलेशन को भी पहले से ज्यादा पारदर्शी और आसान बनाया गया है.

क्रेडिट कार्ड रखने वालों को RBI ने दी बडी राहत, अब लेट पेमेंट पर नहीं लगेगी पेनल्टी
क्रेडिट कार्ड रखने वालों को RBI ने दी बडी राहत, अब लेट पेमेंट पर नहीं लगेगी पेनल्टी

ड्यू डेट के बाद भी मिलेगा तीन दिन का समय

आरबीआई के नए नियम के अनुसार, क्रेडिट कार्ड बिल की ड्यू डेट निकलते ही लेट फीस नहीं लगेगी. ग्राहकों को तीन दिन का अतिरिक्त ग्रेस पीरियड दिया जाएगा. उदाहरण के लिए, अगर आपके बिल की अंतिम तारीख 5 अप्रैल है, तो आप 8 अप्रैल तक बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के भुगतान कर सकते हैं. यह बदलाव उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा, जो व्यस्तता या तकनीकी कारणों से समय पर भुगतान नहीं कर पाते. इससे अनावश्यक पेनाल्टी से बचा जा सकेगा और ग्राहकों को थोड़ी अतिरिक्त राहत मिलेगी.

लेट फीस का नया गणित समझें

आरबीआई ने लेट फीस की गणना के तरीके में भी बदलाव किया है. अब जुर्माना पूरे बिल पर नहीं, बल्कि केवल बकाया राशि पर लगाया जाएगा. इससे ग्राहकों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ कम होगा. मान लीजिए आपने बिल का कुछ हिस्सा चुका दिया है, तो लेट फीस केवल बाकी बची रकम पर ही लगेगी. हालांकि, अगर तीन दिन की ग्रेस अवधि के बाद भी भुगतान नहीं किया जाता है, तो इसे बकाया माना जाएगा. ऐसी स्थिति में आपका क्रेडिट स्कोर प्रभावित हो सकता है, इसलिए समय पर भुगतान करना अब भी बेहद जरूरी रहेगा.

प्राकृतिक आपदा में भी मिलेगी राहत

आरबीआई ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित ग्राहकों के लिए भी बड़ा कदम उठाया है. अब बैंकों को राहत देने के लिए ग्राहक के आवेदन का इंतजार नहीं करना होगा. बैंक अपनी पहल पर प्रभावित ग्राहकों को जरूरी सहायता दे सकेंगे. यह नियम 1 जुलाई 2026 से लागू होगा. वहीं, क्रेडिट कार्ड से जुड़े नए नियम 1 अप्रैल 2027 से प्रभावी होंगे. इसके अलावा, आरबीआई ने किसान क्रेडिट कार्ड योजना के दिशा निर्देशों में बदलाव का मसौदा भी जारी किया है. इस पर आम जनता और संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे गए हैं.