मैनाठेर बवाल के दोषियों को आजीवन कारावास की सजा के पीछे मजबूत चार्जशीट, दमदार पैरवी और गवाही अहम रही। इस केस में तीन सौ तारीखें पड़ीं। 22 गवाह अदालत में पेश किए गए।