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News India Live, Digital Desk: भागदौड़ भरी जिंदगी और बिगडते खान-पान के बीच खुद को फिट रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। ऐसे में ब्रिटेन (UK) के एक प्रसिद्ध डॉक्टर ने सेहत का एक ऐसा राज साझा किया है, जो आपकी रसोई में ही मौजूद है। डॉक्टर के अनुसार, फाइबर और प्रोटीन से भरपूर ‘दालें’ (Lentils) केवल भोजन का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि ये गंभीर बीमारियों के खिलाफ एक मजबूत ढाल हैं। नियमित रूप से दालों का सेवन करने से न केवल दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है, बल्कि यह शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में भी रामबाण साबित होती हैं।

हार्ट अटैक और कोलेस्ट्रॉल पर सीधा प्रहार

यूके बेस्ड डॉक्टर ने अपनी हालिया रिसर्च और अनुभव साझा करते हुए बताया कि दालों में मौजूद हाई फाइबर शरीर की धमनियों में जमा होने वाले खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को साफ करने में मदद करता है। जब शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर संतुलित रहता है, तो हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। डॉक्टर की सलाह है कि हर व्यक्ति को दिन में कम से कम एक बार किसी भी प्रकार की दाल का सेवन जरूर करना चाहिए।

डायबिटीज और कैंसर के खतरे को करती हैं कम

दालों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी कम होता है, जिसका मतलब है कि इन्हें खाने के बाद ब्लड शुगर अचानक से नहीं बढ़ता। यह डायबिटीज के मरीजों के लिए एक वरदान की तरह है। इसके साथ ही, दालों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विशेष प्रकार के फाइटोकेमिकल्स शरीर की कोशिकाओं को डैमेज होने से बचाते हैं, जिससे कैंसर जैसी घातक बीमारी पनपने का जोखिम कम हो जाता है। डॉक्टर ने दालों को ‘नेचुरल हीलर’ (Natural Healer) करार दिया है।

वजन घटाने और पाचन में भी मददगार

अगर आप बढ़ते वजन से परेशान हैं, तो दालें आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प हैं। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं। प्रोटीन से भरपूर होने के कारण इन्हें खाने के बाद काफी देर तक भूख नहीं लगती, जिससे आप ओवरईटिंग से बच जाते हैं। इसके अलावा, इनमें मौजूद घुलनशील फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है। डॉक्टर के मुताबिक, दालों को सूप, सलाद या पारंपरिक भारतीय तरीके से खाने पर इसके पोषक तत्व शरीर को भरपूर ऊर्जा प्रदान करते हैं।

डॉक्टर की सलाह: वैरायटी का रखें ध्यान

डॉक्टर ने स्पष्ट किया कि केवल एक ही तरह की दाल पर निर्भर रहने के बजाय मूंग, मसूर, अरहर और उड़द जैसी विभिन्न दालों को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। हर दाल में अलग-अलग सूक्ष्म पोषक तत्व (Micronutrients) होते हैं जो शरीर के अलग-अलग अंगों को फायदा पहुंचाते हैं। प्लांट-बेस्ड प्रोटीन का यह सबसे सस्ता और सुलभ स्रोत शाकाहारी लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।