”सब खुश थे। नाव में सभी कीर्तन कर आगे बढ़ रहे थे। अचानक बोट पुल की तरफ बढ़ने लगी तो हमने कई बार नाविक से कहा कि रुक जाओ। चार बार कहा पर वह नहीं माना और पलक झपकते ही नाव जा टकराई। हाहाकार मच गया।”