प्रदेश के मदरसों को धार्मिक शिक्षा के लिए शैक्षिक सत्र 2026-27 से नए सिरे से मान्यता लेनी होगी। राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की ओर से उन्हें मान्यता दी जाएगी।