दलाल स्ट्रीट पर गुरुवार का दिन निवेशकों के लिए भारी बिकवाली का रहा. एक तरफ जहां सेंसेक्स 1200 पॉइंट से ज्यादा गोता लगाकर 76,259 के स्तर पर आ गया, वहीं निफ्टी में भी करीब 350 पॉइंट की भारी गिरावट देखी गई. लेकिन, लाल निशान वाले इस गिरते बाजार में भी एक शेयर ऐसा रहा जिसने निवेशकों की झोली भर दी. हम बात कर रहे हैं इंडियाबुल्स लिमिटेड की. गुरुवार को इस शेयर में 10% का अपर सर्किट लग गया और भाव ₹19.70 पर लॉक हो गया.

सिर्फ एक महीने में पैसा डबल, ऐसे बना मल्टीबैगर
फरवरी 2026 में यह स्टॉक 8.93 रुपये के अपने 52सप्ताह के निचले स्तर पर था, जहां से यह अब तक 120 फीसदी से ज्यादा का उछाल दर्ज कर चुका है. मौजूदा भाव से यह अपने 52सप्ताह के उच्चतम स्तर 20.91 रुपये से महज 6 फीसदी दूर है. निवेशकों के लिए सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस स्टॉक ने पिछले एक महीने में ही 115 फीसदी और तीन महीनों में 85 फीसदी का छप्परफाड़ रिटर्न दिया है. एक साल की लंबी अवधि में यह 42 फीसदी की बढ़त दिखा चुका है.
शानदार तिमाही नतीजे बने तेजी का असली ट्रिगर
शेयर में इस बंपर तेजी की मुख्य वजह कंपनी के मार्च तिमाही के दमदार वित्तीय नतीजे हैं. इंडियाबुल्स लिमिटेड ने अपनी मुनाफे में 46.4 फीसदी की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की है. 31 मार्च को समाप्त हुई तिमाही के लिए कंपनी का टैक्स चुकाने के बाद मुनाफा 194 करोड़ रुपये रहा, जबकि कुल राजस्व 418 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया.
पूरे वित्तीय वर्ष 202526 की बात करें, तो कंपनी ने 880 करोड़ रुपये के राजस्व पर 346 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया है. इसका प्रॉफिट मार्जिन 39.3% रहा है, जो यह दर्शाता है कि कंपनी अपने कामकाज में कितनी कुशलता बरत रही है. विलय के बाद कंपनी ने अपनी रणनीति में जो बदलाव किया और अपना मुख्य ध्यान रियल एस्टेट सेक्टर पर लगाया, वह दांव अब पूरी तरह सफल होता दिख रहा है.
रियल एस्टेट से ब्रोकिंग तक, कारोबार में जबरदस्त विस्तार
कंपनी की तरक्की का मुख्य इंजन उसका रियल एस्टेट कारोबार साबित हो रहा है. चौथी तिमाही में अकेले इस सेगमेंट ने 143 करोड़ रुपये का योगदान दिया. पूरे साल के दौरान कंपनी ने 2,752 करोड़ रुपये की सेल्स बुकिंग हासिल की, जिसमें 21.6 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में कुल 909 यूनिट्स बेचे गए. इस दौरान 400 करोड़ रुपये की रिकवरी भी हुई. कंपनी का मुख्य फोकस दिल्ली एनसीआर, मुंबई और लुधियाना जैसे बड़े बाजारों में 2 करोड़ से 6 करोड़ रुपये तक के लग्जरी और मिडइनकम घरों पर है. भविष्य की आय भी सुरक्षित नजर आती है क्योंकि कंपनी के पास 21,000 करोड़ रुपये से अधिक की ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू के प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं.
इसके अलावा, कंपनी का वित्तीय सेवा कारोबार भी मजबूत स्थिति में है. वित्त वर्ष 26 के लिए स्टॉक ब्रोकिंग सेगमेंट का राजस्व 124.4 करोड़ रुपये रहा. इस क्षेत्र में ग्राहकों का आधार काफी तेजी से बढ़ा है और संपत्तियां 68,000 करोड़ रुपये को पार कर गई हैं. एसेट रिकंस्ट्रक्शन बिजनेस में भी कंपनी ने 288 करोड़ रुपये की शानदार रिकवरी की है.
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