बंगाल में छोटे या कम अवधि की सरकारें और मुख्यमंत्री दोनों की ही काफी कमी रही है। इसी का नतीजा है कि राज्य में शुभेंदु से पहले तक बंगाल के पूरे इतिहास में सिर्फ आठ मुख्यमंत्री ही रहे हैं।