थलापति विजय की फुलटाइम राजनीति में एंट्री से पहले आने वाली आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ लगातार विवादों में फंसी हुई है। तमिल राजनीतिक एक्शन थ्रिलर के तौर पर बनाई गई इस फिल्म को विजय के शानदार विदाई प्रोजेक्ट के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन रिलीज से पहले ही इसे कानूनी लड़ाई, पायरेसी, रीमेक विवाद और अब ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है।

‘जन नायकन’ विवाद में मदुरै के लोगों ने विजय से की मांफी की मांग, विवादित सीन को लेकर भी कर रहे डिमांड
‘जन नायकन’ विवाद में मदुरै के लोगों ने विजय से की मांफी की मांग, विवादित सीन को लेकर भी कर रहे डिमांड

विजय से हो रही माफी की मांग

सोमवार को मदुरै जिले के उसिलमपट्टी के पास स्थित पापापट्टी, पगाथेवनपट्टी और पेयमपट्टी गांवों के लोगों ने फिल्म के खिलाफ प्रदर्शन किया। लोगों ने अपने घरों के बाहर काले झंडे लगाए और सड़कों पर उतरकर विरोध जताया। ग्रामीणों का कहना है कि फिल्म में उनके गांवों को गलत तरीके से दिखाया गया है और पापापट्टी उपचुनाव से जुड़े असली घटनाक्रम को तोड़मरोड़कर पेश किया गया है।

लोगों ने रखी ये तीन मांगे

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने तीन बड़ी मांगें रखी हैं। पहली, निर्देशक एच. विनोथ और अभिनेता विजय सार्वजनिक माफी मांगें। दूसरी, सरकार दखल देकर आपत्तिजनक सीन हटवाए। तीसरी, तमिल फिल्मों में गांवों की छवि जिम्मेदारी से दिखाई जाए।

शुरुआत से ही मुश्किलों में फिल्म

फिल्म की घोषणा सितंबर 2024 में थलापति 69 नाम से हुई थी। यह विजय की बतौर लीड एक्टर 69वीं फिल्म है। पहले इसे अक्टूबर 2025 में रिलीज किया जाना था, लेकिन बाद में इसे 9 जनवरी 2026 यानी पोंगल रिलीज के लिए आगे बढ़ा दिया गया। हालांकि अब तक फिल्म सिनेमाघरों तक नहीं पहुंच पाई है।

सेंसर बोर्ड से टकराव

केवीएन प्रोडक्शंस ने दिसंबर 2025 में फिल्म को सेंसर बोर्ड के पास भेजा था। शुरुआती जांच समिति ने कुछ छोटे कट्स के साथ U/A सर्टिफिकेट देने की सिफारिश की थी। लेकिन बाद में धार्मिक भावनाओं और सेना से जुड़े कुछ सीन पर शिकायत दर्ज हुई, जिसके बाद मामला दोबारा रिवाइजिंग कमेटी के पास भेज दिया गया।

इस वजह से पोंगल रिलीज रुक गई। इसके बाद मेकर्स मद्रास हाईकोर्ट पहुंचे। पहले कोर्ट ने फिल्म के पक्ष में फैसला दिया, लेकिन बाद में सेंसर बोर्ड की अपील पर उस आदेश पर रोक लग गई।

रीमेक को लेकर भी विवाद

फिल्म का ट्रेलर 3 जनवरी को रिलीज हुआ और कुछ ही मिनटों में लाखों व्यूज आ गए। लेकिन सोशल मीडिया पर लोगों ने दावा किया कि इसकी कहानी और कई दृश्य तेलुगु फिल्म भगवंत केसरी से मिलतेजुलते हैं।

जब निर्देशक एच. विनोथ से इस पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि लोग फिल्म देखने के बाद ही फैसला करें।

पायरेसी ने बढ़ाई मुश्किल

अप्रैल 2026 में फिल्म का HD प्रिंट ऑनलाइन लीक हो गया, जबकि फिल्म को अभी सेंसर सर्टिफिकेट भी नहीं मिला था। सोशल मीडिया पर विजय का इंट्रो सीन समेत कई क्लिप्स वायरल हो गए।

इसके बाद KVN प्रोडक्शंस ने कानूनी नोटिस जारी किया और लीक पर कड़ा एक्शन मांगा। तमिलनाडु साइबर क्राइम विभाग ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया और 300 से ज्यादा लिंक ब्लॉक किए। बाद में जांच में कुल 21 लोगों के नाम सामने आए।

इंडस्ट्री में भी हलचल

फिल्म लीक होने के बाद कई सितारों ने इसकी निंदा की। सुपरस्टार रजनीकांत ने भी दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं मद्रास हाईकोर्ट ने भी लीक कॉपी के प्रसार पर रोक लगा दी।

इसी बीच साउथ इंडियन फिल्म एडिटर्स एसोसिएशन ने फिल्म के एडिटर प्रदीप ई. राघव को सस्पेंड कर दिया। उन पर गैरसदस्य सहायकों को काम पर रखने का आरोप लगा।

अब क्या होगा?

विजय की आखिरी फिल्म मानी जा रही का इंतजार फैंस बेसब्री से कर रहे हैं, लेकिन लगातार बढ़ते विवादों ने इसकी राह मुश्किल बना दी है। अब देखना होगा कि फिल्म कब रिलीज होती है और इन विवादों का अंत कैसे होता है।