हिमाचली खबर: Noida International Airport: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानों की शुरुआत को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं. लंबे समय से जिस एयरपोर्ट का इंतजार किया जा रहा था, वह अब जल्द ही यात्रियों के लिए खुलने वाला है. शुरुआती योजना के तहत यहां से पहली उड़ान मुंबई के लिए शुरू की जा सकती है, जिससे नोएडा और देश की आर्थिक राजधानी के बीच सीधी कनेक्टिविटी स्थापित होगी. इससे न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है.

सूत्रों के मुताबिक, इस एयरपोर्ट से पहली उड़ान के संचालन के लिए इंडिगो एयरलाइन को लॉन्च कैरियर के रूप में चुना गया है. संभावना जताई जा रही है कि 10 मई से टिकट बुकिंग की प्रक्रिया शुरू हो सकती है, जिससे यात्री पहले से अपनी यात्रा की योजना बना सकेंगे. यह कदम एयरपोर्ट संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है.
एयरपोर्ट पर सॉफ्ट ट्रायल भी शुरू
एयरपोर्ट प्रशासन ने 15 जून से नियमित उड़ान संचालन शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. इस लक्ष्य को समय पर हासिल करने के लिए एयरपोर्ट पर सॉफ्ट ट्रायल भी शुरू कर दिए गए हैं. इन ट्रायल्स के माध्यम से सभी तकनीकी और संचालन संबंधी व्यवस्थाओं की जांच की जा रही है, ताकि वास्तविक संचालन के समय किसी भी तरह की दिक्कत न आए. यात्रियों के आगमन से पहले हर सिस्टम को पूरी तरह दुरुस्त करने पर जोर दिया जा रहा है.
इसके साथ ही एयरपोर्ट पर तैनात स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे यात्रियों को बेहतर सेवाएं दे सकें. एयरपोर्ट से जुड़े वेंडर्स और उनके कर्मचारियों को भी एंट्री पास जारी किए जा रहे हैं, जिससे सभी व्यवस्थाएं समय रहते सुचारू रूप से संचालित हो सकें. प्रशासन का उद्देश्य है कि एयरपोर्ट के शुरू होने से पहले हर छोटीबड़ी प्रक्रिया को परखा और सुधार लिया जाए.
इन शहरों के लिए मिलेंगी फ्लाइट
मुंबई के अलावा अन्य प्रमुख शहरों के लिए भी उड़ानें शुरू करने की योजना बनाई जा रही है. इनमें बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, अहमदाबाद, गोवा, जयपुर, लखनऊ और कोलकाता जैसे शहर शामिल हैं. इसके लिए अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस जैसी एयरलाइंस भी अपनी तैयारियों में जुटी हुई हैं.
अधिकारियों का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्लीएनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों को बड़ा फायदा मिलेगा. इससे न केवल यातायात का दबाव कम होगा, बल्कि व्यापार, निवेश और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा.
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