नोएडा: नोएडा में श्रमिक आंदोलन के बाद गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने बड़ा फैसला किया है। इसके तहत इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए अलग पुलिस व्यवस्था लागू करने की बात सामने आई है और DCP का नया पद बनाया गया है।

टीम में कितने लोग होंगे?
DCP के साथ ACP, 3 इंस्पेक्टर और 25 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। इस टीम के द्वारा 15 हजार से ज्यादा औद्योगिक इकाइयों पर नजर रखी जाएगी। करीब 2 लाख कंपनियों और 4 लाख श्रमिकों से सीधा समन्वय होगा और श्रमिकों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर जोर दिया जाएगा।
इसके अलावा श्रमिक संगठनों और कंपनियों से लगातार संवाद रहेगा और कानून व्यवस्था और श्रम कानूनों के पालन पर खास फोकस होगा। सभी जोनों की पुलिस से बेहतर समन्वय की व्यवस्था होगी।
इंडस्ट्रीज पुलिस सेल तत्काल प्रभाव से लागू हुआ है। अब 3 दिन में स्थायी प्रस्ताव डीजीपी और गृह विभाग को भेजा जाएगा। इसके लिए जल्द विस्तृत SOP जारी होगी। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने ये फैसला लिया है।
नोएडा में भड़की थी हिंसा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित उच्चस्तरीय कमेटी ने प्रेस वार्ता कर बताया था कि श्रमिकों के द्वारा नोएडा में हुआ प्रदर्शन हिंसक हो गया था क्योंकि कुछ बाहरी तत्वों ने भड़काने का काम किया। इस दौरान प्रदेश में औद्योगिक विकास को लेकर बनाए गए अच्छे माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की गई।
बता दें कि हिंसा के दौरान कई वाहनों में आगजनी की गई और कई ऑफिसों में तोड़फोड़ भी हुई। श्रमिक, वेतन बढ़ोतरी न होने की वजह से नाराज थे और वेतन बढ़ाने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। श्रमिक आंदोलन जब बेकाबू हो गया था तो पुलिस को उन्हें रोकने के लिए हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा था। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के वाहनों में भी आग लगा दी थी। वे बेहद गुस्से में थे।
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