हिमाचली खबर: बच्चों को अगर किसी चीज का बेसब्री से इंतजार रहता है, तो वह है समर वेकेशन। गर्मी में होने वाली स्कूल की छुट्टियों के दौरान बच्चे खुलकर और आराम से घर पर खेलतेकूदते हैं। उन्हें स्कूल की भागदौड़, होमवर्क और रोजमर्रा की दिनचर्या से थोड़ी राहत मिलती है। हालांकि, यह समय सिर्फ उनके आराम करने का नहीं है, बल्कि कुछ नया सीखने, अपनी रुचियों को पहचानने और रचनात्मक तरीके से खुद को विकसित करने का भी बेहतरीन अवसर होता है।

गर्मी की छुट्टियों के दौरान अगर उनके समय को सही दिशा में इस्तेमाल किया जाए, तो यह बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि मातापिता बच्चों को ऐसी गतिविधियों में शामिल करें जो न सिर्फ उन्हें व्यस्त रखें बल्कि उनके कौशल को भी निखारें। यहां पर तीन ऐसे खेलों के बारे में बताया गया है जो बच्चों के दिमाग तो तेज करने में मदद कर सकते हैं।
शतरंज
गर्मी की छुट्टियों में आप अपने बच्चे को शतरंज खेलना सिखा सकते हैं। आपको ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से शतरंज के ट्रेनर आसानी से मिल सकते हैं। शतरंज को दिमाग का खेल कहा जाता है और यह बच्चों को रणनीति बनाना सिखाने का सबसे प्रभावी तरीका है। इसमें सोचसमझकर चाल चलनी होती है, जिससे बच्चों की क्रिटिकल थिंकिंग और डिसीजन मेकिंग स्किल बेहतर होती है और साथ ही फोकस भी बढ़ता है। इसके साथ ही यह खेल आगे की सोच और धैर्य भी सिखाता है। सिर्फ इतना ही नहीं आगे चलकर बच्चा शतरंज के टूर्नामेंट में भाग भी ले सकता है, जहां उसे नए लोगों के साथ खेलने का मौका मिलता है। साथ ही वह आगे चलकर इसमें अपना भविष्य भी बना सकता है।
पजल
छोटे बच्चों के खिलौनों में कई पजल टॉय भी रखे होते हैं। लेकिन इनका सही इस्तेमाल करके उनके दिमाग को तेज करने में मदद किया जा सकता है। यह एक ऐसा खेल है जो दिमागी कसरत के लिए बेहतरीन साबित हो सकता है। इसमें अलगअलग टुकड़ों को सही जगह पर फिट करके एक पूरी तस्वीर बनानी होती है। इससे बच्चों की ऑब्जर्वेशन स्किल और पेशेंस दोनों को बढ़ने में मदद मिलती है। साथ ही किसी भी समस्या को सुलझाने की क्षमता भी मजबूत होती है। ऐसे में बच्चे की दिनचर्या में 12 घंटे के लिए इस गेम को भी शामिल किया जा सकता है।
सुडोकू
ध्यान केंद्रित और लॉजिकल थिंकिंग को बढ़ाने का सबसे आसान तरीका है सुडोकू खेलना। इसमें 1 से 9 तक के अंकों को एक ग्रिड में इस तरह भरना होता है कि कोई भी नंबर एक ही पंक्ति, कॉलम या बॉक्स में दोबारा न जाए। यह बच्चों को पैटर्न पहचानने और दिमाग को व्यवस्थित तरीके से इस्तेमाल करने की आदत डालने में मदद करता है।
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