आरोपी बेटी ने कहा कि ससुराल में मारपीट के बाद वह छोटी बेटी के साथ मायके आकर रहने लगी है। बेटी की शादी के बाद वह ससुराल लौट जाएगी। इसके बाद डीएम के कहने पर बुजुर्ग महिला अपनी बेटी के साथ रहने को तैयार हो गईं।

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बुजुर्ग महिला सरस्वती देवीImage Source : REPORTER INPUT

उत्तर प्रदेश के कानपुर में जनता दर्शन के दौरान शनिवार को कलेक्ट्रेट में एक दिल पिघला देने वाला मामला सामने आया। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं। 76 वर्षीय बुजुर्ग महिला सरस्वती देवी तहसील सदर के दूल गांव से डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह के सामने हाथ जोड़कर खड़ी हो गईं। उनकी आंखों से आंसू लगातार बह रहे थे। फफक-फफक कर रोती हुई महिला ने डीएम को बताया कि उनकी अपनी बेटी प्रेमशान्ती ने उन्हें पीटकर घर से बाहर निकाल दिया है।

महिला ने बताया, “बेटी ने घर पर कब्जा कर लिया है। मुझे मारकर फुटपाथ पर रहने को मजबूर कर दिया। अब मैं कहां जाऊं?” उनकी यह बात सुनकर मौके पर मौजूद डीएम समेत सभी अधिकारी और कर्मचारी भावुक हो गए। डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने तुरंत मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

दो घंटे तक चली पंचायत

डीएम के आदेश पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं उपजिलाधिकारी सदर अनुभव सिंह ने राजस्व और पुलिस टीम के साथ तुरंत दूल गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। गांव पहुंचते ही नायब तहसीलदार, लेखपाल, ग्राम प्रधान और गांव के कई सम्मानित लोग भी मौके पर जुट गए। दो घंटे तक चली विस्तृत पंचायत में मां-बेटी दोनों पक्षों को आमने-सामने बिठाकर बातचीत कराई गई।

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Image Source : REPORTER INPUTजनता दर्शन में बुजुर्ग महिला सरस्वती देवी

ससुराल वालों से परेशान होकर मायके आई है बेटी

पंचायत के दौरान सामने आया कि मां-बेटी के बीच काफी समय से तनाव चल रहा था। बुजुर्ग महिला सरस्वती ने कहा कि वह शांति से अपने बचे हुए जीवन को बिताना चाहती हैं, लेकिन बेटी प्रेमशान्ती आए दिन विवाद करती रहती है। वहीं बेटी प्रेमशान्ती ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि ससुराल में प्रताड़ना सहने के बाद वह अपनी छोटी बेटी के साथ मायके आकर रहने लगी थी। उसने मां के साथ मारपीट के आरोप से इनकार किया और कहा कि बेटी की शादी हो जाने के बाद वह ससुराल लौट जाएगी।

गांव वालों ने कराया समझौता

लंबी चर्चा के बाद गांव वालों और प्रशासन की टीम ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया। अंत में बेटी प्रेमशान्ती ने अपनी मां सरस्वती से माफी मांग ली और वादा किया कि आगे से ऐसा व्यवहार कभी नहीं करेगी। बुजुर्ग महिला को उनके घर में पूर्ण रूप से दाखिल करा दिया गया। जिला प्रशासन ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया। उपजिलाधिकारी अनुभव सिंह ने लेखपाल और चौकी प्रभारी को सख्त निर्देश दिए कि वे बुजुर्ग महिला सरस्वती की नियमित निगरानी रखें। यदि भविष्य में फिर कोई विवाद या दुर्व्यवहार की शिकायत आई तो तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।