1 मई से प्रस्तावित आदि कैलाश यात्रा शुरू होने से पहले ही नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। बिना इनर लाइन परमिट के श्रद्धालुओं के संवेदनशील क्षेत्र में पहुंचने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।