8वें वेतन आयोग और कर्मचारियों के प्रतिनिधियों की पहली बैठक में कई बड़ी मांगें सामने आई हैं. इसमें न्यूनतम वेतन बढ़ाने से लेकर NPS खत्म करने तक की बातें शामिल हैं. NCJCM के सचिव Shiv Gopal Mishra के मुताबिक, 28 अप्रैल 2026 को हुई बैठक में कर्मचारियों ने अपनी मांगों का पूरा मेमोरेंडम पेश किया. यह बैठक इसलिए अहम है क्योंकि 8वां वेतन आयोग करीब 45 लाख सरकारी कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स की सैलरी, भत्ते और पेंशन तय करेगा.

न्यूनतम वेतन में बड़ा इजाफा की मांग
कर्मचारियों ने न्यूनतम वेतन को 18,000 रुपये से बढ़ाकर 69,000 रुपये करने की मांग की है. उनका कहना है कि मौजूदा वेतन आज के खर्चों के हिसाब से बहुत कम है. इसके साथ ही सैलरी और पेंशन तय करने के लिए 3.83 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दिया गया है.
सैलरी बढ़ोतरी और प्रमोशन पर जोर
कर्मचारियों ने हर साल 6% इंक्रीमेंट की मांग की है, जो अभी 3% है. इसके अलावा 30 साल की नौकरी में कम से कम 5 प्रमोशन देने की बात कही गई है. अगर प्रमोशन में देरी हो, तो ACP के तहत ग्रोथ देने की मांग भी की गई है. प्रमोशन पर दो अतिरिक्त इंक्रीमेंट देने का सुझाव भी रखा गया है.
भत्ते, लोन और छुट्टियों में बदलाव
मेमोरेंडम में सभी भत्तों को तीन गुना बढ़ाने की मांग की गई है, खासकर HRA, CEA और रिस्क अलाउंस. साथ ही भत्तों को महंगाई भत्ते से जोड़ने की बात कही गई है. बिना ब्याज के लोन और छुट्टियों में बदलाव जैसे 600 दिन तक लीव एनकैशमेंट, पितृत्व अवकाश, मेंस्ट्रुअल लीव और पैरेंट केयर लीव की मांग भी शामिल है.
NPS खत्म कर पुरानी पेंशन की मांग
सबसे बड़ी मांग NPS को खत्म कर पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करने की है. कर्मचारियों का कहना है कि पहले उन्होंने पेंशन के लिए दूसरी सुविधाएं छोड़ी थीं, इसलिए पुरानी व्यवस्था वापस आनी चाहिए.
पेंशनर्स के मुद्दे भी उठे
पेंशनर्स के लिए OROP , समयसमय पर पेंशन संशोधन और 11 साल बाद कम्यूटेड पेंशन बहाल करने की मांग की गई है.
आगे क्या होगा?
वेतन आयोग ने भरोसा दिया है कि सभी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और आगे और बैठकों का आयोजन होगा. पहली ही बैठक में कर्मचारियों ने जोरदार मांगें रख दी हैं, जिससे साफ है कि आने वाले महीनों में वेतन, पेंशन और प्रमोशन को लेकर बड़ी बहस देखने को मिल सकती है.
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