अगर मैं उस रात मनीष भाई का हाथ पकड़कर खींच लाता, तो आज हमारे घर के आंगन में चीखें नहीं, बल्कि भाइयों की हंसी गूंज रही होती। मेरी एक चूक ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं।
UP: 'काश भाई को साथ ले आता तो नहीं…', ट्रिपल मर्डर में मनीष के चचेरे भाई ने बयां की घटना से पहले की कहानी
728x90.
💬 Comments (0)
Leave a Comment