PM Modi in Kashi Vishwanath: मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव की परिकल्पना के बाद बनाई गई वैदिक घड़ी काशी विश्वनाथ मंदिर में स्थापित की गई है। PM नरेंद्र मोदी ने आज मंदिर परिसर में स्थापित हुई वैदिक घड़ी का अवलोकन किया। यह घड़ी न सिर्फ समय बताती है, बल्कि सूर्योदय, पंचांग, मुहूर्त और ग्रहों की स्थिति जैसी सूचनाएं भी देती है। मध्यप्रदेश सरकार के मुखिया डॉक्टर मोहन याद की पहल पर उज्जैन से शुरू हुआ यह सिलसिला अब देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों तक पहुंच रहा है।

काशी विश्वनाथ में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के मुरीद हुए मोदी, जानिए खासियतें
काशी विश्वनाथ में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के मुरीद हुए मोदी, जानिए खासियतें

आम जनता से लेकर PM मोदी तक इस वैदिक घड़ी के आकर्षण से बंध चुके हैं। यही कारण है कि प्रधानमंत्री ने 29 अप्रैल को उत्तर प्रदेश प्रवास के दौरान परिसर में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का अवलोकन किया।

4 अप्रैल को काशी विश्वनाथ मंदिर स्थापित हुई घड़ी

यह वैदिक घड़ी 3 अप्रैल 2026 को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेंट की गई थी। इसके अगले दिन 4 अप्रैल 2026 को इसे काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में स्थापित किया गया था। इससे पहले उज्जैन के में इसकी स्थापना हो चुकी है। काशी, देश का पहला ज्योतिर्लिंग है, जहां उज्जैन के बाद यह घड़ी लगी है।

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घड़ी में क्या है खास?

घड़ी 30 मुहूर्तों के साथ वैदिक, भारतीय मानक समय और ग्रीनविच मीन टाइम के साथ समय बताती है। इसके बैकग्राउंड में हर घंटे देशदुनिया के खूबसूरत पर्यटन स्थलों की तस्वीर बदलती रहती है। घड़ी में पलपल शहर का तापमान, हवा की गति, नमी, हिंदू कैलेंडर अनुरूप माह का नाम भी दर्शाया जा रहा है। यह घड़ी न केवल समय बताती है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और परंपराओं को भी जीवित रखने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गई है।