आरती सक्सेना

फिल्म जगत का दस्तूर कुछ सालों से कुछ ऐसा है जहां एक समय में फिल्म निर्माण की मुख्य वजह अच्छी कहानी होती थी। कहानी को ही फिल्म का हीरो माना जाता था। वहीं, अब आज के दौर में निर्माता कहानी से ज्यादा उन फिल्मों को प्राथमिकता देते हैं जिससे ज्यादा से ज्यादा कमाई हो सके। फिर चाहे वह पुरानी फिल्मों की रीमेक हो या वर्तमान में बनी कोई ऐसी फिल्म हो जिसने बॉक्स ऑफिस पर ताबड़तोड़ सफलता हासिल करके 500 या 1000 करोड़ रुपए का कारोबार कर लिया हो।
ऐसी ही कई फिल्में जो पैसा कमाने के उद्देश्य से ‘सीक्वल’ के रूप में निर्माण की जा रही है और 2026 और 2027 में रिलीज होने की तैयारी में है। अगर सीक्वेल फिल्मों की बात करें तो इस तरह की फिल्मों में काम करने में संजय दत्त का नाम सबसे पहले लिया जाएगा। क्योंकि 2022 में केजीएफ करने के बाद केजीएफ 2, धुरंधर, धुरंधर 2,और अब 33 साल पुरानी फिल्म खलनायक का सीक्वल खलनायक रिटर्न के साथ लौट रहे हैं।
गौरतलब है संजय दत्त ने 2022 में केजीएफ के बाद 13 फिल्में की है जिनमें से आखिरी सवाल जल्दी ही रिलीज हो रही है। इसके अलावा वास्तव 2, मुन्नाभाई 3, वेलकम टू जंगल का अगला भाग, बागी 4 में भी संजय दत्त नजर आने वाले हैं। ऐसे में संजय दत्त को सीक्वेल फिल्मों का राजा कहना गलत ना होगा।
सीक्वल फिल्मों का दौर गदर कि सीक्वेल गदर 2 से शुरू हुआ। जब गदर 2 हिट हो गई तो निर्माता ने पुरानी फिल्मों की सीक्वेल बनाकर पैसा कमाने का नया कारोबार शुरू कर दिया। इसके बाद अजय देवगन दृश्य 3, गोलमाल का अगला भाग, गोलमाल 5 , धमाल 4 आवारापन 2 खोसला का घोंसला 2 जैसी कई पुरानी फिल्मों की सीक्वल 2026 और 2027 में प्रदर्शित के लिए तैयार है।
इतना ही नहीं रणबीर कपूर की अति हिंसक फिल्म एनिमल का अगला भाग एनिमल पार्क 2, विक्की कौशल की अति लोकप्रिय फिल्म छावा ,के बाद छत्रपति संभाजी महाराज के बेटे छत्रपति साहू महाराज के जीवन और संघर्ष पर छावा पार्ट 2 की कहानी होगी।
रणबीर कपूर की ब्रह्मास्त्र की सफलता के बाद ब्रह्मास्त्र देव नाम से इसका अगला भाग रिलीज होगा और सूत्रों के अनुसार ब्रह्मास्त्र का तीसरा भाग भी बनेगा, जिनका निर्देशन अयान मुखर्जी ही करेंगे। इतना ही नहीं अक्षय कुमार की हाल ही में प्रदर्शित फिल्म भूत बंगला की सफलता के बाद इस फिल्म के निर्देशक प्रियदर्शन और अक्षय कुमार भी एक और हास्य कामेडी हारर फिल्म ले कर आ रहे है।
इन सब बातों से यही निष्कर्ष निकलता है कि आजकल मेकर्स ‘हींग लगे ना फिटकरी रंग चोखा’ कहावत को फॉलो कर रहे हैं। बिना मेहनत किए पैसा कमाने का फार्मूला। इसके बाद एक बार फिर फिल्म उद्योग के लिए खतरे की घंटी बजती नजर आ रही है, क्योंकि जो गलती फिल्म इंडस्ट्री ने कुछ सालों पहले हालीवुड और साउथ फिल्मों की नकल करके फिल्म बनाने को लेकर की थी।
वही गलती एक बार फिर सीक्वल फिल्मों की निर्माण की दौड़ में शामिल होकर कर रहे हैं। बहरहाल एक सच यह भी है कि आज के दौर में अभिनेता हो या फिल्म निर्माता जल्दी से जल्दी और ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाने की दौड़ में लगा हुआ है। यही वजह है कि आज के दौर में सीक्वल फिल्में फल फूल रही है।
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