हिमाचली खबर: Ekadashi Vrat Kab Karna Chahiye : हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को बहुत ही पुण्यदायी माना गया है। जो विशेष रूप से भगवान विष्णु की पूजा अर्चना के लिए समर्पित होता है। पंचांग के अनुसार, इस वर्ष 2026 ज्येष्ठ मास में अधिकमास पड़ने के कारण एक विशेष योग बन रहा है, जिसमें चार एकादशी व्रत एक ही माह में आएंगे। इस दौरान निर्जला एकादशी के साथ अपरा, पद्मिनी और परमा एकादशी का व्रत भी रखा जाएगा। यह संयोग भक्तों के लिए अत्यंत शुभ और महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अधिकमास पर 4 एकादशी व्रत का संयोग
अधिकमास या पुरुषोत्तम मास में 4 एकादशी व्रतों का संयोग एक बेहद दुर्लभ और पुण्यकारी आध्यात्मिक अवसर होता है। सामान्यतः एक वर्ष में 24 एकादशियां होती हैं, लेकिन अधिकमास के जुड़ने से यह संख्या बढ़कर 26 हो जाती है।
एकादशी व्रत रखने से मिलते है 10 बड़े लाभ
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दुख और दरिद्रता दूर होती है
धर्म शास्त्रों के अनुसार, को करने से व्यक्ति के जीवन से जुड़े दुख और दरिद्रता दूर होती है और उसे सुखसमृद्धि के साथ यश एवं कीर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
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संतान का सुख प्राप्त होता है
हिंदू धर्म ग्रथों में बताया गया है कि, जो व्यक्ति एकादशी व्रत को सच्चे मन से करता है उसे श्री विष्णु की कृपा से संतान का सुख प्राप्त होता है। अगर आप संतान का सुख प्राप्त करना चाहते है एकादशी व्रत को जरुर करें।
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नि: रोगी काया
धर्म शास्त्रों में ये भी बताया गया है कि, हर महीने दो बार पड़ने वाली एकादशी पर उपवास करने पर व्यक्ति को नि: रोगी काया वरदान भी मिलता है, जो कि व्यक्ति को तन के साथ मन से भी स्वस्थ रहने में मददगार साबित होता है।
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मोक्ष की प्राप्ति
पौराणिक मान्यता के अनुसार की पूजा के लिए समर्पित एकादशी व्रत को विधिविधान से करने वाला साधक सभी सुखों को भोगता हुआ अंत में मोक्ष या फिर कहें विष्णु लोक को प्राप्त होता है।
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मनचाही सफलता मिलती है
हिंदू लोक मान्यता के अनुसार, एकादशी का व्रत साधक को अच्छी सेहत, लंबी आयु के साथ जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में प्रगति और मनचाही सफलता प्रदान करता है।
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कर्ज से मुक्ति मिलती है
एकादशी का व्रत करने से न केवल मोक्ष की प्राप्ति होती है बल्कि कर्ज से भी मुक्ति मिलती है।
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धनधान्य की कमी न होना
एकादशी व्रत वाले दिन तुलसी जी की पूजा में यदि कोई व्यक्ति गाय के दूध से बने देशी घी वाला दीया जलाता है, उस पर श्री हरि के साथ माता लक्ष्मी की विशेष कृपा बरसती है और उसे कभी भी धनधान्य की कोई कमी नहीं रहती है।
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पापों से मुक्ति मिलती है
हिंदू मान्यता के अनुसार, भगवान श्री लक्ष्मीनारायण के लिए रखे जाने वाले एकादशी व्रत से व्यक्ति के जीवन से जुड़े सभी दोष और पिछले जन्म तक के पाप दूर हो जाते है।
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आत्मनियंत्रण और अनुशासन
भूखे रहकर या फलाहार करके व्रत करने से मन और इंद्रियों पर संयम रखने की क्षमता विकसित होती है।
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आध्यात्मिक जागृति
यह व्रत व्यक्ति को भौतिक सुखों से ऊपर उठकर ईश्वर भक्ति और अंतर्मुखी होने का अवसर प्रदान करता है।
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