Buddha Inspirational Story: पूरे देशभर में 1 मई को बुद्ध पूर्णिमा मनाई जा रही हैं। हर साल वैशाख मास की पूर्णिमा तिथि पर बुद्ध पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता हैं। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु के नौवें अवतार महात्मा बुद्ध का जन्म हुआ था। इसलिए हिंदुओं के साथसाथ जैन समुदाय की भी इस त्योहार के प्रति गहरी आस्था हैं। इस दिन पूजापाठ और दानपुण्य का भी विशेष महत्व बताया गया है।

भगवान गौतम बुद्ध को समर्पित ‘बुद्ध पूर्णिमा का पर्व’
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह दिन भगवान को समर्पित है क्योंकि, इस दिन इनका जन्म हुआ था। गौतम बुद्ध ने अपने पूरे जीवन में अहिंसा, सत्य, करुणा और शांति का संदेश दिया, जो आज भी लोगों को सही राह दिखाता है। गौतम बुद्ध के जीवन से जुड़ी कई कहानियां व कथाएं भी हमें गहरी सीख देती है।
एक व्यक्ति गौतम बुद्ध से पूछा, ‘मेरे जीवन का उद्देश्य क्या है?
कहानी के अनुसार, एक व्यक्ति गौतम बुद्ध के पास पहुंचा और उनसे अपने जीवन के उद्देश्य और अपनी असली कीमत के बारे में पूछा। बुद्ध ने उसे सीधे उत्तर देने के बजाय एक साधारण सा पत्थर दिया और कहा कि वह बाजार जाकर इसकी कीमत पूछे, लेकिन किसी भी स्थिति में इसे बेचे नहीं।
वह व्यक्ति सबसे पहले एक फल बेचने वाले के पास गया। फलवाले ने पत्थर को देखकर कहा कि यह उसके ज्यादा काम का नहीं है, लेकिन इसकी चमक अच्छी है, इसलिए वह इसके बदले 10 आम दे सकता है। इसके बाद वह एक सब्जी वाले के पास गया, जिसने कहा कि इसके बदले एक बोरी आलू मिल सकते है।
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एक ही पत्थर की अलगअलग कीमत क्यों ?
अब वह और हैरान हो गया कि एक ही पत्थर की अलगअलग कीमत क्यों लग रही है। आखिर में वह एक जौहरी के पास पहुंचा। जौहरी ने पत्थर को ध्यान से देखा और कहा, ‘यह तो बहुत कीमती रत्न है, मैं इसके लाखों रुपये देने को तैयार हूं.’ जब व्यक्ति वहां से जाने लगा, तो जौहरी ने कीमत और बढ़ाचढ़ाकर देने की बात कही।
खुद को पहचानना है सबसे बड़ी होती है ताकत
गौतम बुद्ध ने समझाया कि भी कुछ ऐसी ही होती है। हर कोई आपके गुणों को नहीं समझ पाएगा। असल बात यह है कि आप खुद को पहचानें और अपने अंदर छिपी खूबियों को निखारें। किसी भी व्यक्ति की असली कीमत दूसरों के विचारों से नहीं, बल्कि उसके आत्मविश्वास और उसकी पहचान से तय होती है।
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