हिमाचली खबर: Grahan Yog: मई के माह में 10 तारीख को चंद्रमा मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में गोचर कर जाएंगे। चंद्रमा का यह गोचर दोपहर 12 बजकर 13 मिनट पर होगा। कुंभ राशि में राहु पहले से ही विराजमान हैं इसलिए राहु और चंद्रमा के बीच युति होगी और ग्रहण योग बनेगा। इस योग को ज्योतिष में अशुभ माना जाता है। इसके बनने से कुछ राशियों को जीवन में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। आइए जान लेते हैं कौनकौन सी हैं ये राशियां और किन उपायों को करने से ग्रहण योग के बुरे प्रभाव से इन राशियों के जातक बच सकते हैं। 

Grahan Yog: 10 मई को बनेगा अशुभ ग्रहण योग, 3 राशियों के जीवन में बढ़ेंगी चुनौतियां, रहना होगा बेहद सतर्क​
Grahan Yog: 10 मई को बनेगा अशुभ ग्रहण योग, 3 राशियों के जीवन में बढ़ेंगी चुनौतियां, रहना होगा बेहद सतर्क​

मेष राशि 

ग्रहण योग आपके लाभ भाव में बनेगा इसलिए लाभ प्राप्ति में आपको दिक्कतें आ सकती हैं। विदेशी कारोबार या विदेशी कंपनियों में काम करने वालों को हर कार्य सोचसमझकर करना होगा, छोटी सी गलती बड़ा नुकसान करवा सकती है। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों के साथ वादविवाद करने से बचें नहीं तो आपकी छवि पर बुरा असर पड़ सकता है। इस राशि के कुछ लोग मानसिक और शारीरिक परेशानियों से जूझ सकते हैं। उपाय के तौर पर आपको सफेद चीजों जैसे चावल, चीनी, दूध, दही, सफेद कपड़े आदि का दान करना चाहिए। 

कन्या राशि

आपकी राशि से छठे भाव में ग्रहण योग बनेगा। इसलिए आपके विरोदी सक्रिय हो सकते हैं और आपके कार्यों में बाधा उत्पन्न करने की कोशिश कर सकते हैं। इसलिए कन्या राशि के लोगों को सतर्कता बरतने की आवश्यकता होगी। आर्थिक परेशानियां कुछ लोगों के जीवन में आ सकती हैं, न चाहते हुए भी संचित धन खर्च हो सकता है। सही बजट बनाकर चलने की आपको आवश्यकता होगी। पारिवारिक जीवन में भी तनाव की स्थिति बन सकती है। उपाय के तौर पर कन्या राशि के जातकों को भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए। 

मीन राशि 

राशिचक्र की आखिरी राशि मीन वालों को करियर और शिक्षा क्षेत्र में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। आपके कुछ काम अटक सकते हैं, धैर्य बनाकर आपको आगे बढ़ना होगा। कार्यक्षेत्र में उच्च अधिकारियों के साथ अनबन परेशानी का कारण बन सकती है। ग्रहण योग के दौरान आपको किसी पर भी आवश्यकता से अधिक विश्वास करने से बचना होगा, धोखा मिल सकता है। सेहत को लेक भी मीन राशि के जातकों को सतर्कता बरतने की आवश्यकता होगी। उपाय के तौर पर आपको शिवलिंग पर जल अर्पित करना चाहिए।