मुगल सल्तनत दिल्ली के लालकिले तक सिमट चुकी थी. अंग्रेजों से मिली पेंशन सहारा थी. लेकिन बांदियां और चोबदार अभी थे. दरबार में बहादुरशाह जफ़र…