अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ‘व्हाइट हाउस करेस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन’ के रात्रिभोज के दौरान हुई गोलीबारी की घटना पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। सीबीएस के प्रसिद्ध कार्यक्रम ‘60 मिनट्स’ को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने उस रात की अफरातफरी और सुरक्षा घेरे के बीच हुई जद्दोजहद का पूरा ब्यौरा साझा किया। ट्रंप ने स्वीकार किया कि जब गोलियों की आवाज सुनाई दी, तो उनके सुरक्षाकर्मियों को उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाने में मशक्कत करनी पड़ी। ट्रंप के अनुसार, उनकी उत्सुकता ने सुरक्षा प्रोटोकॉल को और चुनौतीपूर्ण बना दिया था।

White House Dinner Shooting | '30 दिन में दोबारा कराएं व्हाइट हाउस डिनर, आयोजन रद्द होना गलत', Donald Trump की चुनौती
White House Dinner Shooting | '30 दिन में दोबारा कराएं व्हाइट हाउस डिनर, आयोजन रद्द होना गलत', Donald Trump की चुनौती

 

उनसे पूछा गया कि क्या गोलियों की आवाज सुनकर वह चिंतित थे, तो ट्रंप ने कहा, ‘‘मैं घबराया नहीं था। मैं जिंदगी को समझता हूं। आजकल की दुनिया में कुछ भी हो सकता है।’’
राष्ट्रपति ने कहा कि वह खुद घटनाक्रम को देखना चाहते थे, संभवतः इसी वजह से ‘सीक्रेट सर्विस’ के कर्मियों को उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाने में समय लग गया।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं देखना चाहता था कि क्या हो रहा है। मैं उनके साथ सहयोग नहीं कर रहा था। मैं जानना चाहता था कि क्या चल रहा है। धीरेधीरे जब बात समझ में आई, तो लगा कि यह बॉलरूम का शोर नहीं, कुछ और ही मामला है, और गंभीर है।’’

ट्रंप ने घटना को याद करते हुए कहा, ‘‘मैं एक सजग टीम के मजबूत घेरे में था, लेकिन सच कहूं तो मैंने उनकी मुश्किलें बढ़ा दीं। मैं कहता रहा, ठहरो, एक मिनट ठहरो।’’
उन्होंने कहा कि जब वह मंच से बाहर निकल रहे थे, तब सुरक्षाकर्मी बारबार उनसे नीचे झुकने की गुजारिश कर रहे थे।
ट्रंप ने कहा, ‘‘मैं चलने लगा और उन्होंने कहा, कृपया नीचे झुकिए, कृपया फर्श की ओर झुकिए। तो मैं झुक गया और मेलानिया भी झुक गईं।’’
साक्षात्कार के दौरान कुछ तीखे पल भी आए, जब ट्रंप से हमले से पहले संदिग्ध द्वारा अपने परिवार को भेजे गए एक संदेश में उनके बारे में लिखी बातों पर सवाल किया गया।
ट्रंप ने कहा, ‘‘मुझे पहले से पता था कि आप यह पढ़ेंगे, क्योंकि आप लोग ऐसे ही हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हां, उसने यह लिखा, लेकिन मैं बलात्कारी नहीं हूं। मैंने वह संदेश पढ़ा है, वह एक बीमार आदमी है। ‘60 मिनट्स’ जैसे कार्यक्रम में ऐसी बातें पढ़ना शोभा नहीं देता, लेकिन चलिए साक्षात्कार जारी रखते हैं।’’
जब साक्षात्कारकर्ता ने पूछा कि क्या उन्हें लगता है कि हमलावर विशेष रूप से उन्हें निशाना बना रहा था, तो ट्रंप ने कहा, ‘‘मैं कोई बच्चों का शोषण करने वाला व्यक्ति नहीं हूं…आप किसी दिमागी रूप से बीमार इंसान की बकवास पढ़ रहे हैं? मुझे ऐसी चीजों से जोड़ा जा रहा है, जिनका मुझसे कोई लेनादेना नहीं है। मुझे पूरी तरह बेदाग साबित किया जा चुका है।’’

अंत में राष्ट्रपति ने ‘व्हाइट हाउस करेस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन’ से अपील की कि वे अगले 30 दिन के भीतर यह रात्रिभोज दोबारा आयोजित करें।
ट्रंप ने कहा, ‘‘मैं नहीं चाहता कि यह रद्द हो। मुझे लगता है कि किसी कम अक्ल इंसान द्वारा इस तरह के आयोजन को रद्द करवा देना बेहद बुरी बात है।’’
उन्होंने यह भी कहा, ‘‘ऐसा नहीं है कि मैं वहां जाना चाहता हूं। मैं बहुत व्यस्त हूं। मुझे इसकी जरूरत नहीं।