उत्तर प्रदेश में वाराणसी के फूलपुर थाना क्षेत्र के भरथरा में हुई युवा कारोबारी मनीष सिंह की हत्या के बाद से इलाके में तनाव बना हुआ है. बीते दिन इलाके में प्रशासनिक अधिकारियों का गांव में जमावड़ा लगा रहा. इसी बीच मृतक मनीष सिंह की पत्नी अंकिता सिंह का एक वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में डीसीपी गोमती जोन नीतू कादयान और एसडीएम पिंडरा प्रतिभा मिश्रा अंकिता सिंह को ढाढ़स बंधाते हुए दिखाई दे रही हैं.

डीसीपी नीतू कादयान ने कहा कि जितने लोग हत्या में शामिल हैं किसी को नहीं छोड़ेंगे, सबको सजा दिलाएंगे.इस पर अंकिता सिंह ने बिलखते हुए कहा कि मैं अपने तीन छोटे बच्चों को लेकर कहां जाऊंगी और अभी तो एक सिर्फ छह महीने की ही है. मेरी बेटियों के दादादादी, ताऊ सब वही थे, उनकी जान थे वो. दोनों हाथ और दोनों पैर उनके तोड़ देतें लेकिन जान छोड़ देतें, मैं आंखों के सामने उनको देखकर सब्र कर लेती, मैं अब क्या करूंगी क्या न्याय मांगू? इस हृदय विदारक चीख ने वहां खड़े सभी लोगों को गमगीन कर दिया.
मनीष सिंह की शादी अंकिता से दस साल पहले हुई थी और दोनों के दो बेटियों सहित तीन बच्चे हैं. मनीष के पिता की मृत्यु बीस साल पहले जबकि माताजी की मृत्यु तीन साल पहले हो चुकी है. मनीष सिंह हत्याकांड में 8 नामजद और सात अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. आरोपियों में आशीष राजभर, मनीष राजभर, नागेंद्र प्रजापति, दीपक राजभर, मनोज प्रजापति, हरिशचंद्र राजभर, योगेंद्र प्रजापति और गोविन्द राजभर के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज है.
दबिश देने गए एसओजी टीम पर हमला
मनीष सिंह हत्याकांड में 8 नामजद और सात अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. इनमें से दो की गिरफ्तारी हो चुकी है जबकि अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की क्राइम ब्रांच ने देर रात खालिसपुर बस्ती में दबिश दी. लेकिन करीब डेढ़ सौ की संख्या में गांव के लोगों ने पुलिस टीम पर हमला करते हुए उनको बंधक बना लिया. इतना ही नहीं, इस दौरान एक सिपाही से उसकी पिस्टल छीन ली. बाद में फूलपुर इंस्पेक्टर भारी फोर्स लेकर पहुंचे तब जाकर क्राइम ब्रांच के लोगों को छुड़ाया गया. लेकिन इसका फायदा उठाकर आरोपी बस्ती से भाग निकला. इस मामले में 60 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.
क्या था मामला?
बीते रविवार को फूलपुर थाना क्षेत्र के घमहापुर में दोनापत्तल बनाने का कारोबार करने वाले 40 साल के मनीष सिंह फैक्ट्री से घर जा रहे थे. उनकी कार से एक महिला का एक्सीडेंट हो गया. मनीष ने स्थानीय लोगों से महिला को अस्पताल ले जाने का अनुरोध किया. लेकिन स्थानीय लोगों ने मनीष पर एक्सीडेंट करने का आरोप लगाकर उसको मारनेपीटने लगे. 15 लोगों ने 20 मिनट तक मनीष सिंह को तब तक मारा जबतक उनकी मौत नहीं हो गई.
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