एक साल बाद बायसरन अभी भी खामोश है। यहां जाने पर पाबंदियां हैं। रास्ते बंद हैं और वो मैदान जो कभी सैलानियों की चहल-पहल से गुलजार रहता था, आज भी सन्नाटे की चादर ओढ़े हुए है।
Pahalgam Attack Anniversary: बहुत कुछ कह रही खामोशी, चश्मदीदों का दर्द; आज भी घटना को याद कर सिहर जाते हैं
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